केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने सोमवार को बताया कि पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन पर रूस द्वारा किये गए हमले के कारण लगे प्रतिबंधन के बाद भारत रूस से भारतीय रुपये का इस्तेमाल कर तेल खरीदने पर विचार नहीं कर रहा है। बता दें कि भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। रूसी आयात के लिए रुपये में भुगतान के लिए विकल्प तलाश कर रहा है, लेकिन किन्हीं कारणों ऐसा संभव नहीं हो पा रहा।
संसद को संबोधित करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, “ऑइल पब्लिक सेक्टर न तो कोई अनुबंध है और न ही रूस या किसी अन्य देश से भारतीय रुपये में कच्चे तेल की खरीद के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।”
इस बीच, सोमवार कोकच्चे तेल की कीमतें 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,379 रुपये प्रति बैरल पर आ गई क्योंकि कमजोर हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने डील को कम किया है।
वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 3.90 फीसदी की गिरावट के साथ 109.46 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड 3.46 फीसदी की गिरावट के साथ 116.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इससे पहले रविवार को, GAIL (India) Limited ने कहा कि वह अमेरिकी डॉलर में रूसी गैस उद्योग की कंपनी Gazprom से LNG के आयात के लिए भुगतान करना जारी रखेगा और यूरो जैसी किसी अन्य मुद्रा में भुगतान की मांग के मामले में विनिमय दर तटस्थता की मांग करेगा। गेल ने रूस के Gazprom से वितरित आधार पर सालाना 2.5 करोड़ टन LNG प्राप्त करने के लिए डील किया है।
साभार : पत्रिका न्यूज

