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Author: Neha Sharma
शेतमाल : कांदा दर प्रती युनिट (रु.) बाजार समिती जात/प्रत परिमाण आवक कमीत कमी दर जास्तीत जास्त दर सर्वसाधारण दर 06/09/2023 कोल्हापूर — क्विंटल 5317 1000 2500 1700 अकोला — क्विंटल 238 1200 2400 2300 औरंगाबाद — क्विंटल 1362 600 2200 1400 मुंबई – कांदा बटाटा मार्केट — क्विंटल 12073 1000 2400 1700 सातारा — क्विंटल 274 1500 2500 2000 अकलुज लाल क्विंटल 303 700 2410 1700 सोलापूर लाल क्विंटल 13814 100 3100 1550 बारामती लाल क्विंटल 843 500 2400 1800 जळगाव लाल क्विंटल 528 680 2200 1377 उस्मानाबाद लाल क्विंटल 12 1700 2500 2100 नागपूर लाल क्विंटल 1520 1500 2500…
महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं. पानी नहीं होने का असर किसानों की फसल पर पड़ा है. अहमदनगर के साथ ही मराठवाड़ा में ऐसे कई इलाके हैं, जहां मॉनसून के कमजोर होने का असर खेतों पर साफ दिखने लगा है. पौधे सूख रहे हैं. खेत और जानवरों के लिए पानी मौजूद नहीं है. कई इलाकों में अभी से ही टैंकर के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है. इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है. बहुत से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. यही कारण है कि अहमदनगर के एक किसान ने…
आलू की सब्जी खाना हर किसी को पसंद है. इसकी खेती लगभग पूरे देश में होती है. यह एक ऐसा फूड आइटम है, जो सालो भर मार्केट में असानी से मिल जाता है. इसकी कीमत हमेशा 20 से 30 रुपये किलो ही रहती है. लेकिन कभी- कभी भारत में आलू 50-60 रुपये किलो भी हो जाता है. इससे महंगाई बढ़ जाती है. सरकार के ऊपर दवाब बढ़ जाता है. वहीं, लोगों के किचन का बजट बिगड़ जाता है. लेकिन क्या आपको मालूम है, दुनिया में आलू की एक ऐसी भी किस्म है, जिसकी कीमत काफी अधिक होती है. इस किस्म…
प्रदेश में फसलों को कीटों, रोगों एवं खरपतवारों आदि से प्रति वर्ष 7 से 25 प्रतिशत की क्षति होती है जिसमें 33 प्रतिशत खरपतवारों द्वारा, 26 प्रतिशत रोगों द्वारा, 20 प्रतिशत कीटों द्वारा, 7 प्रतिशत भण्डारण के कीटों द्वारा, 6 प्रतिशत चूहों द्वारा तथा 8 प्रतिशत अन्य कारक सम्मिलित है। इस क्षति को रोकने के लिए कृषि रक्षा रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है प्रदेश में कीटनाशकों की (टेक्निकल ग्रेड) औसत खपत 256 ग्राम प्रति हे. है जो देश के औसत खपत (टेक्निकल ग्रेड) 380 ग्राम प्रति हेक्टेयर से कम है। इस औसत खपत में 58.7 प्रतिशत कीटनाशक, 22…
फूल हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं. फूलों को हमारी जिंदगी में तनाव दूर करने का काम भी करते हैं. किसान फूलों की खेती को मुनाफे का सौदा बना सकते हैं. नरगिस के फूल को इंसानों के लिए बेहद फायदेमंद कहा जाता है. इस फूल की खेती करके किसान शानदार कमाई कर सकते हैं. कब होती है बुवाई नरगिस के फूल की खेती के लिए दोमट व बलुई मिट्टी अच्छी मानी जाती है. ज्यादा व बेहतर पैदावार के लिए मिट्टी की पीएच वैल्यू 6.5-7.5 के बीच होनी जरूरी है. इसके अलावा इन फूलों की खेती करने के लिए जल…
देश में महंगाई है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है. दाल, चावल, गेहूं, टमाटर और हरी सब्जियों के बाद अब चीनी एक बार फिर से महंगी हो गई है. पिछले 15 दिन के अंदर इसकी कीमत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मंगलवार को चीनी की कीमतें बढ़कर 37,760 रुपये ($454.80) प्रति टन हो गईं, जो अक्टूबर 2017 के बाद सबसे अधिक है. खास बात यह है कि चीनी की कीमत में 3 प्रतिशत की उछाल आने से इसका भाव पिछले 6 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि, इससे रिटेल…
देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी उमस भरी गर्मी का सिलसिला जारी हैं. इससे दिल्लीवासियों को गर्मी झेलनी पड़ रही है. मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, दिल्ली का मौसम अभी कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा. वहीं भारत के कई राज्यों में मॉनसून लौट रहा है और भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली में मौसम (Delhi Weather Update) IMD के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में आज आसमान खुला रहेगा. तापमान में वृद्धि होने से उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ रही है. वहीं अभी कुछ दिनों तक दिल्ली वासियों को गर्मी झेलनी पड़ेगी, क्योंकि अभी बारिश को लेकर कोई संभावना हैं. …
अन्य जीवधारियों की तरह पालतू पशुओं को भी जीवन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है। पालतू पशु मुख्यतः शाकाहारी होते हैं एवं चारा ही इनका मुख्य भोजन है। खुराक पशुओं द्वारा भूख को शांत करने के लिए एक समय में जो भोजन खाया जाता है उसे खुराक कहते हैं। आहार भोजन की वह आवश्यक मात्रा जिसे पशु 24 घंटे के दौरान खाते हैं, आहार कहलाती है। संतुलित पशु आहार ऐसा आहार जो पशु को आवश्यक पोषक तत्वों प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, खनिज, लवण विटामिनुद्ध का उचित अनुपात एवं मात्रा में प्रदान करें, जिससे…
भूमि का चयन और तैयारी शिमला मिर्च मध्य क्षेत्रों की एक प्रमुख नकदी फसल है। इसकी काश्त हिमाचल प्रदेश में करना। मुख्य तौर पर सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू व चम्बा में की जाती है। शिमला मिर्च की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मध्यम रेतीली दोमट भूमि उपुयक्त होती है। मृदा की पीएच 5.5 से 6.8 तथा जैविक कार्बन 1 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। मृदा में पीएच स्तर, जैविक कार्बन, गौण पोषक तत्व (एनपीके), सूक्ष्म पोषक तत्व तथा खेत में सूक्ष्म जीवों के प्रभाव की मात्रा की जांच करवाने हेतू वर्ष में एक बार मृदा परीक्षण जरूरी है। यदि…
ब्लैक बंगालः इस जाति की बकरियाँ पश्चिम बंगाल, झारखंड, असोम, उत्तरी उड़ीसा एवं बंगाल में पायी जाती है। इसके शरीर पर काला, भूरा तथा सफेद रंग का छोटा रोंआ पाया जाता है। अधिकांश (करीब 80 प्रतिशत) बकरियों में काला रोंआ होता है। यह छोटे कद की होती है वयस्क नर का वजन करीब 18-20 किलो ग्राम होता है जबकि मादा का वजन 15-18 किलो ग्राम होता है। नर तथा मादा दोनों में 3-4 इंच का आगे की ओर सीधा निकला हुआ सींग पाया जाता है। इसका शरीर गठीला होने के साथ-साथ आगे से पीछे की ओर ज्यादा चौड़ा तथा बीच में अधिक…
