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Author: Neha Sharma
देश में महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है. खाने- पीने की अधिकांश चीजें महंगी हो गई हैं. टमाटर के बाद अब प्याज भी महंगा हो गया है. केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत ड्यूटी लगाई है. हालांकि, सरकार के इस फैसले से कीमतों में थोड़ी बहुत गिरावट भी आई है. लेकिन अपने पड़ोसी देश नेपाल में प्याज की बढ़ती कीमत बहुत बड़ी समस्या हो गई है. कहा जा रहा है कि 40 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से नेपाल में प्याज की किल्लत हो गई है. इससे कीमतों में…
देश में महंगाई से आम जनता परेशान हो गई है. टमाटर के बाद अब प्याज की कीमतें लोगों को रुला रही हैं. हालांकि, केंद्र सरकार प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बहुत कोशिश कर रही है. इसके बावजूद भी महंगाई है कि कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रही है. खास कर प्याज की बढ़ती की कीमत आम जनता के साथ- साथ सरकार के लिए भी टेंशन बन गई है. एक महीने पहले तक 15 से 20 रुपये किलो मिलने वाला प्याज अब 35 से 40 रुपये बिक मिल रहा है. जबकि, देश के कई शहरों में…
भारत ने 23 अगस्त के दिन चंद्रमा पर परचम लहराकर एक नया इतिहास रच दिया है. जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि चांद पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग सफलतापूर्वक की. बता दें कि यह लैंडिंग 23 अगस्त के दिन 6:04PM पर हुई थी. तब से लेकर अब तक विक्रम लैंडर का रोवर ‘प्रज्ञान’ लगातार ISRO को अपडेट देता जा रहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विक्रम लैंडर को चांद पर पहुंचे 5 दिन हो चुके हैं और वह अब चंद्रमा पर मौजूद मिट्टी की जानकारी भारतीय वैज्ञानिकों को देना शुरू भी कर दिया है विक्रम लैंडर…
हमारे देश की आधी से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है और इस बदलते आधुनिक वैज्ञानिक युग में खेती के लिए किसानों को खेती से जुड़े नए उपकरणों की जरुरत होती है. देश के कृषि क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या लगातार घटती जा रही है और मजदूरी दर में भी इजाफा हो रहा है. ऐसे में किसानों की बढ़ती परेशानी के लिए खेत की जुताई से लेकर फसलों की कटाई तक कृषि यंत्रों का उपयोग किया जा सकता है. इन उपकरणों की खरीद के लिए सरकार किसानों को अनुदान भी मुहैया करा रही है. छत्तीसगढ़ में कृषि यांत्रिकीकरण योजना छत्तीसगढ़…
खरीफ की फसल का समय किसानों के लिए अन्य मौसमों की तुलना में सबसे ख़ास माना जाता है. इसका कारण यह है कि यह सीजन मानसून पर निर्भर करता है. जिस कारण इस समय होने वाली फसल ज्यादातर नगदी फसलों में गिनी जाने वाली फसल होती हैं. लेकिन इसी बीच बिहार सरकार सावन में किसानों द्वारा उगाये जा रहे फूलों की खेती के लिए एक बड़ा एलान किया है. तो आइये जानते हैं कि किसान किबं फूलों की खेती के लिए कर सकते हैं आवेदन. गेंदे की खेती पर मिलेगा अनुदान बिहार सरकार फूलों की खेती करने वाले किसानों के…
बारिश का मौसम शुरू होते ही भुट्टा खाने की ललक सबके मन में उठती है. फाइबर से भरपूर भुट्टा सेहत के लिए शानदार होता है. यही वजह है कि बाजार में भुट्टों की मांग बढ़ जाती है और किसानों को इसका मुंह मांगा दाम मिलता है. भुट्टा जिसे अंग्रेजी में आप स्वीट कॉर्न भी कहते हैं कई तरह से खाया जाता है. इसे कुछ लोग उबाल के खाते हैं, कुछ लोग भुन के. वहीं कुछ इसका सूप पीना पसंद करते हैं. जबकि इसके सूख जाने पर लोग इसका पॉपकॉर्न बना कर चाव से खाते हैं. तो चलिए आज के इस…
आज के समय में किसान कम जगह में ज्यादा से ज्यादा पैदावार कर मुनाफा प्राप्त करना चाहते हैं. अगर आप भी कम जगह में अधिक उत्पादन चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की होने वाली है. यहां हम आपको बताएंगे कि किसान भाई जहरीले कीटनाशक की जगह मित्र कीट का उपयोग कर सकते हैं. जिससे उन्हें बम्पर पैदावार हासिल होगी. एक्सपर्ट्स की मानें तो फसलों को विभिन्न प्रकार के कीट रोगों के आक्रमण से काफी क्षति होती है. इनके नियंत्रण के लिए अभी तक जहरीले कीटनाशक रसायनों का ही प्रयोग किया जाता है. जिससे पर्यावरण प्रदूषित होना, कीटों में…
सफेद लट मिट्टी में रहने वाले बहुभक्षी कीट हैं और इन्हें जड़ लट के रूप में भी जाना जाता है। सफ़ेद लट अपना भोजन मिट्टी में उपलब्ध आर्गेनिक पदार्थ और पौधों की जड़ों से प्राप्त करते है। मूंगफली के अलावा सफेद लट अखरोट, तम्बाकू, आलू और कई अन्य तिलहन, दालें और सब्जी की फसलें (Vegetable Crops) अमरूद, गन्ना, नारियल, सुपारी की जड़ों पर हमला कर अपना भोजन प्राप्त करते है। सफेद लट मूंगफली की फसल को 20-80 प्रतिशत तक नुकसान कर सकती है। वैसे तो सफेद लट पूरे वर्ष मौजूद रहते हैं, लेकिन इनकी सक्रियता बरसात के मौसम के दौरान ज्यादा दिखाई देती है। मानसून की पहली बारिश मई के मध्य या जून महीने में वयस्क…
भारत के हर हिस्से में मूली की खेती की जाती है. इसकी खेती के लिए रेतली भूरभूरी मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. मूली में विटामिन, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीश्यिम और कैल्सियम भरपूर मात्रा में पाई जाती है. इसकी खेती के लिए मिट्टी की पीएच वैल्यू 6 से 8 के बीच होनी चाहिए. आज हम आपको इसमें लगने वाले रोग और उनसे बचाव के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. ह्वाइट रस्ट इस प्रकार के कीट आकार में काफी छोटे होते हैं और यह मूली के पत्तियों पर लगते हैं. यह कीट पत्तियों का रस चूसकर उसे पीले रंग का कर देते हैं. इस क़िस्म का रोग…
दिल्ली समेत भारत के अन्य राज्यों के कई हिस्सों में कहीं भारी बारिश तो कहीं गर्मी की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है. 26 अगस्त को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. वहीं, आने वाले चार दिनों में कई राज्यों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही हैं. दिल्ली में मौसम मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन कुछ समय बाद भी कम बारिश की…
