White Brinjal Cultivation : क्या आपने कभी सफेद बैंगन के बारे में सुना है? जी हां सफेद बैंगन कई लोगों ने ये शब्द सुना भी नही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम बैंगन की जगह सफेद बैंगन लगाने से किसानों को काफी मुनाफा हो सकता है। मार्केट में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। लोगो को इससे बनाई हुई सब्जी बहोत पसंद हे। सफेद बैंगन कई चीजों में उपयोगी होता है। जैसे पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। ओर इसकी एक खास बात यह है की यह फसल आप पूरे साल में कभी भी ले सकते हैं। और इससे आपको नफा भी अच्छा मिलता है।
सफेद बैंगन की रोपाई के लिए फरवरी और मार्च अच्छे महीने हैं, क्योंकि बैंगन की देर से बुआई, उच्च तापमान और गर्मी के तनाव के कारण पौधे की वृद्धि कम हो जाती है। इसलिए बैंगन की नर्सरी 15 जनवरी के बाद शुरू करनी चाहिए। मुख्य खेत में फरवरी और मार्च में रोपाई करनी चाहिए। लेकिन अगर बैंगन को बरसात के मौसम में लगाना है तो बैंगन को जून में लगाना चाहिए। जिस स्थान पर नर्सरी लगाई जाती है, वहां सबसे पहले 1 से 1.5 मीटर लंबी और 3 मीटर चौड़ी क्यारी बना लें और मिट्टी को फावड़े से पलट दें। इसके बाद प्रति क्यारी 200 ग्राम डीएपी समतल कर देना चाहिए। फिर दबी हुई समतल जमीन पर रेखा खींचकर बैंगन के बीज लगा दें। बुआई के बाद बीजों को भुरभुरी मिट्टी से ढक दें।
सफेद बैंगन की बुआई के तुरंत बाद फसल में हल्का पानी देना चाहिए। इसकी खेती के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। याद रखें कि केवल जैविक खाद या कम्पोस्ट का ही उपयोग करें। इस फसल को कीटों एवं रोगों से बचाने के लिए जैविक निम्बोली कीटनाशक का प्रयोग अवश्य करें। मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पानी दें। बैंगन की फसल 70 से 90 दिन में पककर तैयार हो जाती है।